सार्वजनिक वितरण प्रणाली

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सार्वजनिक वितरण प्रणाली क्रियान्वयन

 

        भारत सरकार द्वारा जारी खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 में निहित प्रावधानों के अनुक्रम में म.प्र. शासन खाद्य विभाग द्वारा परिपत्र क्र. एफ-7-17/2014/29-1 दि. 02.07.2014 की व्यवस्था अनुसार  सम्पूर्ण प्रदेश  के समस्त उ.मू. दुकानों पर लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत प्रदाय खाद्यान्न सामग्री का परिवहन लीड समितियों के स्थान पर कार्पोरेशन द्वारा 221 प्रदाय / उप प्रदाय केन्दों से  किया जा रहा है । इस व्यवस्था को “द्वार प्रदाय योजना” नाम दिया गया ।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 व सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2015 के मुख्य उद्देश्य

  1. म.प्र. में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाना।
  2. प्रदेश में उ.मू. दुकानों तक खाद्य सामग्री का त्वरित व सुरक्षित परिवहन एवं नियमित रूप से सामग्री की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  3. परिवहन के दौरान सामग्री के व्यपवर्तन (डायवर्सन) पर नियंत्रण।

 

सार्वजनिक वितरण प्रणाली क्रियान्वयन  व्यवस्था

  • केन्द्र शासन  द्वारा प्रदेश को खाद्यान्न एवं राज्य योजना में आयोडीन नमक एवं डबल फोर्टीफाईड नमक का आवंटन 
  • संचालनालय द्वारा खाद्यान्न का जिलेवार-उचित मूल्य दुकानवार उप आंवटन |
  • खाद्यान्न, आयोडीन नमक एवं डबल फोर्टीफाईड नमक की प्रदेश के साविप्र हेतु प्रदाय केंद्रों पर सतत एवं अग्रिम उपलब्धता सुनिश्चित करना ।
  • द्वार प्रदाय योजना के तहत प्रदाय केंद्र से खाद्यान्न, आयोडीन नमक एवं डबल फोर्टीफाईड नमक उचित मूल्य दुकान तक राज्य शासन की अधिकृत एजेंसी के रूप में पहुंचाने का कार्य। 

वर्तमान आवंटन (M.T.)

 

वस्तु

मासिक आवंटन

(Metric Ton)

वार्षिक आवंटन

(Metric Ton)

गेहूं 

2,17,421 

26,09,052

चावल 

72,761

8,73,132

नमक  (आयोडीनयुक्त)

 

 

नमक (DFS)

 

 

दाल 

 

 

 

कार्पोरेशन से अपेक्षा

द्वार प्रदाय योजना का क्रियान्वयन इस प्रकार किया जावे कि चालू माह की अंतिम दिवस (निर्धारित चक्र अनुसार ) तक आगामी माह की आवंटित खाद्य सामग्री प्रत्येक उ.मू. दुकान पर उपलब्ध हो जावे। ताकि आगामी माह की 01 तारीख को हितग्राहियों को वितरण हेतु आवंटित मात्रा उ.मू. दुकानों पर उपलब्ध हो। द्वार प्रदाय योजना के क्रियान्वयन हेतु प्रदेश के कुल 313 शासकीय विकास खण्डों में से 336 परिवहन सेक्टर बनाये गये हैं। कार्पोरेशन द्वारा इन प्रदाय केन्द्रों के परिवहन सेक्टरों से सीधे उचित मूल्य दुकानों केा खाद्यान्न एवं नमक का प्रदाय किया जा रहा है।  म0प्र0शासन के पत्र दिनांक 31.10.17 द्वारा राशन वितरण हेतु समय चक्र निर्धारित किया गया है जिसके अनुसार सामान्यत: प्रति माह दिनांक 13 से 25 तक उचित मूल्य दुकानों पर राशन सामग्री उपलब्ध कराने की प्रक्रिया निर्धारित की गई है ।

 

सा वि प्र में आयोडिन नमक वितरण व्यवस्था

  • जून 2013 में मध्यप्रदेश शासन द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम अंतर्गत समस्त पात्र परिवारों को आईएसआई मार्क आयोडीन युक्त नमक का निर्णय लिया गया है। 
  • अब अप्रैल 2018 से राज्य शासन द्वारा अनुसूचित जनजाति विकास खण्डों के 89 ट्रायबल ब्लॉक में पात्र लगभग 25.60 लाख परिवारों को डबल फोर्टिफाईड नमक का वितरण प्रारंभ किया गया है। 
  • गैर ट्रायबल क्षेत्र के अन्य लगभग 92.6 लाख पात्र परिवारों हेतु प्रति 1 किलो एक रूपये में आईएसआई मार्क का आयोडीन युक्त नमक का वितरण कराया जा रहा है।  
  • उचित मूल्य दुकानों से उपभोक्ताओं को राशन कार्ड पर खाधान्न एवं नमक की वितरण पात्रता स्थिति 
  • प्राथमिक परिवार- 05 किलो प्रति सदस्य खाद्यान्न
  • अंत्योदय परिवार- 35 किलो प्रति परिवार खाद्यान्न
  • प्राथमिक व अंत्योदय परिवार-  01 किलो नमक प्रति परिवार

सा वि प्र में  शक्कर  वितरण व्यवस्था

 

  • भारत सरकार द्वारा जून 2013 से शक्कर लेव्ही नीति समाप्त करने उपरांत नवीन नीति अंतर्गत प्रदेश के समस्त अन्त्योदय एवं प्राथमिकता पात्र राशन  कार्ड धारियों को खुली निविदा पद्धति से शक्कर क्रय कर 20 रूपये प्रति किलो प्रति पात्र राशन कार्ड परिवारों को वितरण किया जाता था। 
  •  
  • अप्रैल 2017 से भारत सरकार की नवीन नीति अंतर्गत मात्र अन्त्योदय राशन कार्ड धारियों को ही शक्कर का वितरण कराया जाना है।  
  • वर्तमान में शासन की नवीन नीति अंतर्गत अन्त्योदय परिवारों को शीघ्र राज्य शासन निर्देशानुसार शक्कर वितरण के संबंध में  कार्यवाही प्रचलन में  है।

खाद्यान्न , शक्कर एवं नमक वितरण  की दरें

 

वस्तु

दर ₹ प्रति किलो 

 

वस्तु खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 अनुसार खाद्यान्न प्रदाय दर राज्य शासन द्वारा  रियायती दर पर प्रदाय दर

गेहूं 

1

1

चावल 

1

1

नमक  (आयोडीनयुक्त)

1

1

नमक (DFS)

1

1

दाल 

 

 

शक्कर

शक्कर राज्य पर निर्भर

20

 

अन्य योजनाओं में वितरण

 

योजना

विभाग

अवधि

गेहूं (MT)

चावल (MT)

मध्यान्ह भोजन योजना

 

त्रैमासिक

17,718

11,558

W.B.N.P.

महिला बाल विकास

त्रैमासिक

25,891

11,269

एस.सी.एस.टी होस्टल

 

अर्ध वार्षिक

20,902

6,483

 

 

  • मध्यान्ह भोजन योजना में राज्य समन्वयक मध्यान्ह भोजन द्वारा ऑनलाइन जारी आवंटन के आधार पर उपभोक्ता भडारों में माध्यम से प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं को निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है| ग्रामीण पंचायत  विभाग द्वारा NFSA की दर (गेहूं ₹ 2.00 प्रति किलो एवं चावल ₹ 3.00 प्रति किलो ) अनुसार मुख्यालय स्तर पर दावा प्रस्तुति उपरांत राशि की प्रतिपूर्ति किया जाता है | 
  • महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी मासिक आवंटन के आधार पर  उपभोक्ता भडारों में माध्यम से प्रदेश की आंगनवाडियो एवं स्व सहायता समूहों को NFSA की दर (गेहूं ₹ 2.00 प्रति किलो एवं चावल ₹ 3.00 प्रति किलो ) पर उपलब्ध कराया जाता है |  महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिला स्तर  अग्रिम भुगतान किया जाता है | 
  • उक्त योजनाओं में शेष राशि  की प्रतिपूर्ति केंद्र शासन द्वारा दावा प्रस्तुति के उपरांत की जाती है | 
  •  
  •  

स्कंध अधिक्य वाले जिलों से स्कंध कमी वाले जिलों में परिवहन

 

    भोपाल , नर्मदापुरम, इंदौर , सागर एवं उज्जैन संभागों में   गेहूं प्रचुर मात्रा में उपार्जित किया जाता है जबकि सतना, शहडोल , रीवा एवं जबलपुर संभागों में धान प्रचुर मात्रा में उपार्जन एवं मिलिंग किया जाता है | इस प्रकार कुछ जिलों में गेहूं एवं कुछ जिलों में चावल उस जिले की वार्षिक आवश्यकता से अधिक उपलब्ध रहता है | इस अतिशेष मात्रा को  आवश्यकता अनुसार उचित मूल्य दुकानों को पूर्ति हेतु एक जिले से दूसरे जिले में परिवहन किया जाता है | यह परिवहन कार्य रोड एवं रेल मार्ग से उपलब्धता एवं आवश्यकता अनुसार किया जाता है | कारपोरेशन की शब्दावली में इसे “PDS Movement”  कहा जाता है |

 

अतिशेष गेहूं एवं चावल का परिदान

 

   राज्य शासन द्वारा  जारी आवंटन अनुसार प्रदेश की वार्षिक आवश्यकता से अधिक गेहूं एवं चावल को भारतीय खाद्य निगम को केंद्रीय पूल में परिदान किया जाता है |

 

 

 

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Last Updated On:30 Mar, 2020